योनि धूपन थेरेपी|yoni dhoopan chikitsa

योनि धूपन थेरेपी|yoni dhoopan chikitsa

धूपन कर्म बेसिकली बाह्य या आंतरिक रूप से हैल्दी माहोल तैयार करने की विधि है। यह मनुष्य और उसके आस पास के वातावरण को मनभावक बनाकर शांति प्रदान करने की प्रक्रिया है। yoni dhoopan chikitsa या योनि धूपन थेरेपी yoni dhoopan therapy भी धूपन का ही एक प्रकार है.

ये महिलाओं को विशेष रूप से स्वास्थ लाभ प्रदान करता है।

धूपन,धूनी या धुपन्ना विधि द्वारा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करने का प्रयास किया जाता है।

धूपन विधि में किसी कंडे या उपले को जला कर उसपर औषधीय तेल या पाउडर को डाल कर धुंआ किया जाता है। यह धूपं विधि घर को सनेटाइज़ करती है। कीड़े मकोड़े/सीलन बदबू या इन्फेक्शन को बड़ी ही गहराई से साफ़ करने की ताकत रखती है।

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आयुर्वेद में धूपन थेरेपी का काफी महत्व रहा है परन्तु अफ़सोस की मार्डन लाइफ में जिंदगी की भाग दौड़ कुछ इस प्रकार बढ़ रही है की प्राकृति एवं आयुर्वेद का ज्ञान काफी फीका पड़ गया है।

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हालांकि इस समय जब संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो आयुर्वेद एक मात्रा सहारा दिख रहा है और आयुर्वेद विधियों के प्रति दिलचस्पी बढ़ती प्रतीत हो रही है।

धूपन्ना या fumigation किसी जगह विशेष के हिसाब से किया जाता है।

क्यों की –

धूपन में आवश्यकता या रोगानुसार औषद्यि का Smoke किया जाता है। या धूपन दिया जाता है।

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धूपन में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं

1. नीम
2.गौर सषव
3.सैंधव लवण
4.गुग्गुल
5.लाक्षा
6.कुठ
7.अतिविषा
8.हरिद्रा
9.हल्दी
10.हरीतकी
11.हरण
12.एला
13.इलाइची
14.प्रियगु
15.राल
धूपन सामग्री

उपरोक्त सामग्री का उपयोग धूपन क्रिया में किया जाता है।

धूपन के नुकसान dhoop side effects in hindi

धूपन से किसी भी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट या नुकसान नहीं होता है।

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धूपन थेरेपी dhoop therapy

गंध द्रव्य को जला कर औषधीय सुगन्धित धुंआ उठाने की क्रिया है जिससे आयुर्वेदिक उपचार किया जा सके।

घर में धूपन के फायदे ghar me dhuni kaise kare

घर में यदि निम्न लिखित औषधियों का धूपन दिया जाये तो नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है। तथा किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आती।

1.तगर
2.कुण्ठ
3.शर्करा
4.नागमाथा
5.शैलज
6.इलाइची
7.चन्दन
8.कपूर
9.जटामानसी
70.ताली
11.मुशीर
12.सदलन
13.नखनरंगी
14.गुग्गुल
dhuni samagri

धूप कैसे करे how to do dhuni at home

एक पात्र में कांडा या उपला जला कर छोड़ दें। जब कांडा पूरी तरह से जल जाये तो उसके अंगारों पर द्रव्य डाल कर छोड़ दें। यह धुंआ सम्बंधित जगह पर फैलने दें। इससे वातावरण शुद्ध होता है।

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धूपन के समय किसी भी प्रकार का संगीत नहीं बजाना चाहिए या बातचीत नहीं करनी चाहिए। धूपन से पूर्व सफाई आवश्यक है। धूपन के दौरान किसी भी प्रकार का कार्य ना करें।

गुप्त रोग /गुदा रोग या योनि धूपन yoni dhoopan for sexual disease

गुदा रोग या योनि में इन्फेक्शन को कंट्रोल करने के लिए भी धूपन बड़ा ही प्रभावशाली माना जाता है।

धूपन से गन्दगी मल रूप निकल जाती है। गर्भावस्था के बाद जख्म भरने या इन्फेक्शन को रोकने में या दर्द के शमन हेतु धूपं चिकित्सा काफी प्रभावी रही है।

योनि धूपन कैसे करें How to do yoni dhoopan

कोयला या गोबर के कंडे/उपले जलाकर उनका अंगारा बना लें। अब एक धूपदानी को छेद किये हुए स्टूल के नीचे रक्खे।

अब अंगारे पर औषधीय द्रव्य अशोक, चन्दन, कपूर या गुग्गुल डालकर स्टूल पर बिना अन्तः वस्त्र पहने पैर फैला कर बैठ जाएँ। यह सभी प्रकार के इन्फेक्शन ख़त्म कर देता है।

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योनि धूपन लेते समय सावधानिया

  • ढीला गाउन पहने और आग बुझने के बाद ही धूपन लें। कोई भी कपडा या अंग धूप दान से दूर ही रखें।

धूपन के फायदे Benefits of fumigation

  • धूपन कीटाणु नाशक जीवाणु नाशक होता है।
  • कोशिकाओं में ऑक्सीजन बनता है।
  • सूजन इन्फेक्शन समाप्त करता है।
  • धूपन रक्तस्तंभक और वेदना नाशक होता है।

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