गिलोय के फायदे और सेवन विधि | Giloy ke fayde & use

Giloy ke fayde & use

गिलोय एक प्रकार का जंगली पौधा है। जो की लता  के रूप में पाया जाता है।  ये आम तौर पे जंगलों और झाड़ियों में अपने आप की उग जाता है।  प्राचीन काल से की गिलोय का उपयोग जड़ी बूटी तथा औषधि के रूप में किया जा रहा है। गिलोय के फायदे और सेवन विधि | Giloy ke fayde & use दोनों ही हैं।

पर गिलोय के फायदे  अनेक हैं। और गिलोय के फायदे को देखते हुए ही इधर बीच लोगों में गिलोय के प्रति जागरूकता बढ़ी है। और अब तो लोग अपने घरों में भी गिलोय की बेल लगाने लगे हैं। गिलोय की पहचान करना बड़ा ही सरल है। इसकी पत्तियों का आकार पान के पतों की तरह होता है।

गिलोय की पत्तों का रंग गहरा हरा होता है। काफी लोग गिलोय को सौंदर्य वृद्धि के लिए भी अपने घरों में लगते हैं। गिलोय के और भी नाम हैं जैसे -गुडुची ,अमृता आदि।

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आयुर्वेद में अनुसार गिलोय की लता यदि किसी पेड़ का सहारा ले कर चढ़ती है। तो उस पेड़ के गुण भी अपने अंदर समाहित कर लेती है। औषधि के लिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय की बेल को सर्वोत्तम माना जाता है।

गिलोय के फायदे और नुक्सान

गिलोय के फायदे (giloye ke fayede )

आयुर्वेदा में गिलोय के तीनो भाग तना, पत्ते, और जड़ का औषधीय प्रयोग होता है। लेकिन इसका सबसे गुणकारी भाग गिलोय का तना होता है। गिलोय के तने में काफी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। गिलोय कई सारे रोगो का अचूक इलाज कर सकता है। इसके गुण के कारण ही इसका नाम आयुर्वेद में अमृता कहा गया है।

गिलोय से पाचन रोग के साथ साथ सांस सम्बन्धी रोगों में भी बड़ा ही लाभ होता है। जैसे अस्थमा, और खांसी में गिलोय रामबाण औषद्यि है। इस लेख में हम आपको गिलोय के फायदे और सेवन विधि ( Giloy ke fayde & use ) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

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गिलोय के तने के फायदे (giloy ke tane ke fayde)

गिलोय में बहुत आधी मात्रा में anti-inflammatory  गुण और  antioxidants होते है।  साथ ही गिलोय में कैंसर रोधी गुण भी निहित होते हैं। इसी लिए गिलोय बुखार, गठिया, डायबिटीज़ ,कब्ज ,एसिडिटी आदि रोगो में बड़ा ही फायदेमंद होता है।

कैसे करना चाहिए गिलोय का सेवन ( Giloye ka sevan kaise karen  )

इस कोरोना काल में आपने भी जरूर इम्मुनिटी बूस्ट करने के बारे में गिलोय का नाम जरूर सुना होगा। आम तौर पर गिलोय का नाम तो सबने सुना है। गिलोय के फायदे और सेवन विधि Giloy ke fayde & use क्या है इसके बारे में लोगों को जानकारी कम है।

गिलोय का सेवन 3 रूपों में किया जा सकता है।

  1. सत्व – गिलोय सत्व  (giloye satva)
  2. जूस -गिलोय जूस (giloye juice )
  3. चूर्ण – गिलोय चूर्ण  giloye churn ya giloye swras

गिलोय सत्व के फायदे ( giloye satva ke fayede) –

गिलोय के तने को सूखा कर बनाया जाता है। इसके सेवन मात्र से ही वात, पित्त और कफ का इलाज होता है।  और ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाती है। आज कल बाजार में गिलोय सत्व का काफी विक्रय हो रहा है।  परन्तु इसे खरीदते समाये सावधान रहना चाहिए।

आज कल आरारोट के चूर्ण में गिलोय सत्व मिश्रित कर के मिलावटी सत्व बिक रहा है।  जिसके  उचित लाभ नहीं मिलेगा।  आज हम आपको गिलोय सत्व बनाने की विधि बता रहे है। जिसके फल स्वरुप आप इसका निर्माण घर में ही कर सकते है।  ये पूर्ण रूप से शुद्ध होगा और बड़ा ही फल दायी भी होगा।

गिलोय सत्व बनाने की विधि (giloye satva banane ka tarika )

सत्व बनाने के लिए मोती और ताजी डाली गिलोय के पेड़ से काट लें। इसे पानी से धो कर साफ़ कर लें। और इसके छोटे छोटे टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को अच्छी तरह कूट लें इसके बाद इसमें ४ गुना पानी मिला दें।  और इसे हाथ से रगड़ें। जब इसमें खूब फेन बन जाये तो गिलोय के सरे टुकड़ो को फेंक दें।

इसका जो फेन वाला पानी अपने बनाया है। इसे छान लें। और रात भर के लिए पानी ऐसे ही पड़ा रहने दें। सुबह जब आप इसे देखेंगे। तो गिलोय का सत्व बर्तन के ताली में एकत्र हो चुका  है। अब धीरे से पानी निकाल दें।  और ताली में बचे हुए सत्व को सूखा लें।  आपका गिलोय का सत्व तैयार है।

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गिलोय जूस के फायदे (giloye juice ke fayede)-

इसके सेवन के लिए गिलोय का जूस भी काफी उपयुक्त होता है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम , प्रोटीन , फास्फोरस उचित रूप में पाया जाता है। इससे कई बिमारियों का इलाज भी होता है। आज कल तो इम्युनिटी ड्रिंक के रूप में भी इसकाकाफी सेवन किया जा रहा है।  तो आइये जानते है क्या है गिलोय के जूस बनाने की विधि

गिलोय के जूस बनाने की विधि (giloye ka juice banane ka tarika )-

इसका जूस बनाने के लिए गिलोय की कुछ शाखाएं लें।  इन्हे धोकर साफ़ कर लें। और एक चाकू का इस्तेमाल करके इसकी बहरी सतह खुरच लें। जब इसका हरा भाग दिखने लगे।   तो इसे छोटे छोटे में काट लें।

अब इन कटे हुए टुकड़ों को मिक्सी के जार में डालें तथा 1 कप पानी डालें। और इसे अच्छी तरह पीस लें।  तो लीजिये कितनी आसानी से तैयार हो गया।  आपका गिलोय का जूस। आप इसका सेवन रोज़ाना कर सकते हैं।

गिलोय चूर्ण के फायदे (giloye churn ke fayede )-

कफ को नियंत्रित करने के लिए , इम्युनिटी पावर बढ़ने के लिए और फेफड़े को स्वस्थ रखने के लिए गिलोय चूर्ण के सेवन की सलाह दी जाती है।  आज हम आपको गिलोय का चूर्ण बनाने की विधि बताने वाले हैं।  जिसके सेवन से आपको काफी लाभ होगा।

गिलोय चूर्ण कैसे बनायें (giloye churn banane ka tarika )-

गिलोय का चूर्ण बनाना बड़ा ही आसान है।  इसके लिए आपको कुछ गिलोय के डंठल को तोड़ कर अच्छी तरह धो लें। और सूखा लें। जब ये अच्छी तरह सूख जाये तो इसे मिक्सर में दाल कर महीन पीस लें। लीजिये आपका गिलोय चूर्ण बन कर तैयार है।  अब आप इसका सेवन शहद इत्यादि के साथ कर सकते हैं।

तो इस तरह आपने जाना की गिलोय का सेवन किन किन रूप में किया जाता है।  आज कल बाजार में गिलोय के सत्व, जूस और चूर्ण उपलब्ध है आप चाहें तो वहां से भी खरीद सकते हैं। पर इन्हें घर पर किस प्रकार बनाना है? इसकी भी मैंने पूरी जानकारी आपको दी है।  जिससे आप शुद्ध रूप से इसका सेवन कर सकें।Giloy ke fayde & use

अब हम आपको बताने जा रहे हैं की किन -किन बिमारियों में हम गिलोय का सेवन कैसे करें और निरोग हों।

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1.   डायबिटीज में गिलोय का उपयोग कैसे करें (giloy benefits in diabetes in hindi)

डॉक्टर्स के अनुसार गिलोय hypoglycemia  एजेंट की तरह काम करती है। और diabetes type 2 नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलोए जूस का सेवन करने से ब्लड में बढे हुए शुगर लेवल को काम करने में सहायता मिलती है। गिलोय इंसुलिन का स्राव बढाती है।  और ये डाइबिटीज के रोगियों के लिए बड़ी उपयोगी औषधि होती है। Giloy ke fayde & use डाइबिटीज़ में।

डायबिटीज में किस तरह गिलोय का सेवन करें

गिलोय जूस-   डाइबिटीज रोगी को 2-3 चम्मच गिलोय का जूस एक कप पानी में मिलाएं। और सुबह खली पेट इसका सेवन करना चाहिए।

गिलोय चूर्ण – 1/2 चम्मच गिलोय का चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार खाना खाने के 1 घंटे बाद लें।

2 . डेंगू में गिलोय के फायदे (giloye benefits for dengue in hindi )

डेंगू से रोकधाम में गिलोय का नाम सर्वोपरि है। डेंगू में मरीज को तेज़ बुखार होता है। ऐसे में गिलोय में मौजूद एंटीपायरेटिक गुण बुखार को तुरंत ठीक करता है। और ये इम्मुनिटी बूस्ट करता है।  जिससे तुरंत आराम मिलता है।

3 . अपच में गिलोय के फायदे (giloye benefits for indigestion in hindi )

आप कब्ज ,एसिडिटी , या अपच से परेशान हैं.तो गिलोय का सेवन आपको काफी रहत दिला सकता है। मुख्या रूप से आपको गिलोय का चूर्ण  का सेवन करना चाहिए। इसके रोजाना सेवन से आप पाचन सम्बन्धी समस्याओं से निजात पा सकते हैं।

अपच में गिलोय के सेवन की विधि –

एक चम्मच गिलोय चूर्ण को गर्म पानी के साथ रोज रात को सोने के पहले लें। इसका नियमित रूप से प्रयोग करे। इससे आपको एसिडिटी , अपच , कब्ज आदि समस्याओं में बड़ा ही आराम मिलेगा।

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4.  खांसी में गिलोय के फायदे ( giloye benefits for cough in hindi )

खांसी में गिलोय का सेवन रामबाण माना गया है। यदि काफी दिनों से आपको खांसी है। तो ऐसे में आपको गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय में ऐन्टीऐलर्जीक गुण होते हैं। इसीलिए गिलोय के सेवन से खांसी जल्दी-से जल्दी ठीक हो जाती है।

खांसी में गिलोय के सेवन का तरीका –

गिलोय का काढ़ा खांसी में सबसे उपयुक्त उपाए है। इसके लिए 1 चम्मच गिलोय चूर्ण को पानी में उबाल कर उसका काढ़ा बना लें। और इसमें 1 चम्मच शहद मिला ले। इस काढ़े का सेवन दिन में दो बार खाने के बाद करें। आपको जल्द ही खांसी से छुटकारा मिल जायेगा।

5 . बुखार में  गिलोय के सेवन का उपाए (giloye benefits for fever in hindi )

गिलोय में एंटीपएरेटिक गुण होते हैं। ये किसी भी प्रकार के बुखार में बड़ा ही लाभकारी होता है। इसी लिए मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू , जिसे गंभीर रोगों में बुखार से निजात पाने के लिए इसके सेवन की सलाह दी जाती है।

बुखार में गिलोय के सेवन का तरीका –

बुखार से निजात पाने के लिए गिलोय घनवटी गोली  दिन में दो बार पानी के साथ लेना चाहिए।

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