Essential oil use and side effect एसेंशियल ऑयल के फायदे

essential oil ke use and side effect

एसेंसिअल आयल की लोकप्रियता दिन ब दिन काफी बढ़ती जा रही है। और बढे भी क्यों न आप एसेंसिअल आयल के फायदे जानकर हैं ही इतने जबरदस्त। तो आज हम मेरे घरेलु नुस्खे Mere gharelu nuskhe के इस लेख Essential oil use and side effect में एसेंशियल आयल के हर पहलु के बारे में जानेंगे। 

आज हर तरफ आयुर्वेद का बोलबाला है और एसेंसिअल आयल भी एक आयुर्वेदिक उत्पाद होता है। दरअसल essencial oil यानि वाष्पशील तेल पौधों से निकला जाने वाला अर्क होता है। इसका उपयोग आजकल एरोमा थेरिपी, प्राकृतिक उपचार और घरेलु नुस्खे में काफी ज्यादा किया जा रहा है। 

तो आइये जानते हैं एसेंसिअल आयल के हर पहलु के बारे में, क्या -क्या फायदे हैं इसके और क्या है साइड इफ़ेक्ट 

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एसेंशियल आयल क्या है ? ( essential oils in Hindi )

विभिन्न प्रकार के पौधों से निकला अर्क है एसेंसिअल आयल। लेकिन जिन पेड़ों से ये अर्क निकाले जाते हैं उनमे उन पेड़ो से भी ज्यादा महक होती है। इन oils में Active ingredients भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। essencial oil को निकलने के कई तरीके होते है जैसे कोल्ड प्रेसिंग, डिस्टिलेशन, स्टीम इत्यादि।

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एसेंशियल ऑयल का प्रयोग ( essential oil ke uses )

इन तेलों का प्रयोग सबसे ज्यादा एरोमाथेरिपी (aromatherapy) में किया जाता है। इन तेलों की भीनी-भीनी खुशबु मंत्रमुग्ध कर देती है। इन oils की खुशबू तो ली जा सकती है पर इनका सेवन नहीं किया जा सकता। इनकी खुशबू इन्हेल करने से हमारे मस्तिष्क में limbic system उत्तेजित होते हैं।

ये लॉन्ग टर्म मेमोरी, व्यवहार, इमोशंस, स्मेल के सेन्स आदि को नियंत्रित करता है। limbic system में एसेंसिअल आयल के प्रभाव से सांस लेने की प्रक्रिया, हार्ट रेट, और ब्लड प्रेशर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इन तेलों को त्वचा essential oils for skin पर लगाने से बड़ा ही अनुकूल प्रभाव पड़ता है। ये त्वचा में अवशोषित हो जाते हैं और अंदर से ही त्वचा में कई तरह से सुधर लाते हैं जिनका जिक्र हम नीचे के लेख में करेंगे।

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कुछ फेमस एसेंशियल ऑयल ( List of essential oils )

लगभग 100 से भी अधिक फ्लेवर में essential oils मिलते हैं। और आपको ये जान कर आश्चर्य होगा की हर आयल की एक अलग स्मेल और अलग स्वास्थ्य लाभ है। Essential oil use and side effect में आज हम आपको 10 प्रमुख और सबसे ज्यादा प्रचिलित एसेंशियल ऑयल्स के बारे में बता रहे हैं।

लैवेंडर ऑयल ( lavender oil in hindi)

essential oils की लिस्ट में सबसे पहला नाम लेवेंडर आयल का ही आता है। Lavender oil में मंत्रमुग्ध करने वाली खुशबू आती है। इसमें थेरप्यूटिक और क्यूरेटिव गुण होते हैं। तनाव दूर करने के लिए, नींद न आने की समस्या को दूर करने में, सर दर्द से रहत पाने में इसका उपयोग होता है। anxiety, फंगल इन्फेक्शन और अस्थमा के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

सैंडलवुड एसेंशियल ऑयल ( sandalwood essential oil benefits in Hindi )

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इसमें एंटी-इन्फेमेट्री, एंटी माइक्रोबियल और एंटी टैनिंग इत्यादि अनेक गुण होते हैं। ये गुण सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है। नींद न आना, तंत्रिकाओं को शांत करने में और ध्यान केंद्रित करने में सैंडलवुड ऑयल विशेष रूप से प्रभावी होता है।

पेपरमिंट ऑयल (Peppermint essential oil)

एंटीसेप्टिक, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट, एनाल्जेसिक, जीवाणुरोधी जैसी कई प्रॉपर्टीज़ होती हैं पेपरमिंट आयल में। ये आपकी एनर्जी बढ़ता है और आपका पाचन सही रखने में मदद करता है।

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रोज एसेंशियल ऑयल (Rose essential oil)

गुलाब के तेल में फिजियोलॉजिक, एनाल्जेसिकऔर एंटी एंजाइटी गुण होते हैं। इसका एंजाइटी काम करने में और मूड अच्छा करने में कर सकते हैं।

कैमोमाइल ऑयल (Chamomile oil)

बबूने का तेल या कैमोमाइल आयल का उपयोग पाचन सही रखने में, अवसाद की स्थिति या पनव काम करने के लिए किया जाता है। यदि इसे आप किसी carrier oil के साथ मिला कर बालों में लगाएं तो इससे बाल लम्बे,घने होते हैं।

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इलंग इलंग (Ylang-Ylang) एसेंशियल ऑयल

हाई ब्लड प्रेशर,अवसाद की स्थिति और चिंता में सबसे ज्यादा प्रभावी होता है ylang-ylang oil. इस ऑयल का उपयोग अरोमाथेरपी में किया जाता है।

टी-ट्री एसेंशियल ऑयल ( tea tree oil benefits in Hindi )

जैसा की इसका नाम है। काफी लोग इसे चाय की पत्तियों का तेल समझते हैं। जबकि ऐसा बिलकुल भी नहीं है। Melaleuca alternifolia नाम का एक पौधा होता है। इस पौधे की पत्तियों को विशेष रूप से प्रोसेस करके इसका एसेंशियल ऑयल बनाया जाता है।

इसका प्रयोग त्वचा से सम्बंधित समस्याओं जैसे एक्ने, कड़े के काटने, फंगल इन्फेक्शन आदि को दूर करने में किया जाता है।

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जैसमिन एसेंशियल ऑयल ( jasmine essential oil uses )

इस एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल एंटीसेप्टिक के रूप में, डिप्प्रेशन को दूर भागने में, मेनोपॉज़ को काम करने में किया जाता है। इसके अलावा त्वचा में सोराइसिस जैसे विकार को काम करने में और बालों को झड़ने से रोकने में किया जा सकता है।

लेमन एसेंशियल ऑयल ( lemon essential oil )

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एंटी माइक्रोबियल और एंटी ऑक्सीडेंट्स जैसे गुणों से भरपूर होता है लेमन एसेंशियल ऑयल। घर में इसका इस्तेमाल सिरदर्द दूर करने में और पाचन क्रिया को और भी बेहतर बनाने में किया जाता है।

बरगामोट एसेंशियल ऑयल (Bergamot essential oil)

सिट्रस बर्गामिया नाम के इस पेड़ में संतरे या नाशपाती के आकार का फल लगता है। इसी फल के छिलके का प्रयोग कर Bergamot essential oil बनाया जाता है। मुख्या रूप से इसका प्रयोग तनाव काम करने के लिए अरोमाथेरपी में किया जाता है। विभिन्न प्रकार की स्किन सम्बन्धी समस्याओं में भी इसका काफी प्रयोग किया जाता है।

एसेंशियल ऑयल कैसे बनाते हैं ( how to make essential oil in Hindi )

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आज कर एसेंशियल आयल का इस्तेमाल दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। बाजार में ये काफी महंगे मिलते हैं। लेकिन हम आज आपको एसेंशियल आयल बनाने का तरीका सीखने वाले हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है। तो आइये सीखते हैं एसेंशियल ऑयल बनाने की विधि

गुलाब एसेंशियल ऑयल बनाने की विधि ( How to make Rose essential oil at home )

इस एसेंशियल ऑयल को बनाने की लिए एक कांच के जार में नारियल का तेल लें इसमें ढेर साडी गुलाब की पंखुड़ियां डालें। इसका ढक्कन लगा कर धूप में 24 घंटे के लिए रख दें। अगले दिन इसमें से गुलाब की पंखुडिया छान कर निकाल लें और इसमें फिर से दूसरी पंखुड़ियां दाल दें और फिर से धूप में रख दें। लीजिये तैयार है आपका रोज़ एसेंशियल ऑयल।

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नींबू एसेंशियल ऑयल (Lemon essential oil )

इसे बनाने के लिए 5 निम्बू के छिलके निकाल लें। अब एक कटोरी में coconut oil लें इसमें निम्बू के छिलकों को डाल दें। अब इस कटोरी को एक पानी डाल के इसमें रख दें। अब इस बर्तन को धीमी आंच पर धीरे-धीरे गर्म होने के लिए रख दें।

एक चम्मच की सहायता से चलते हैं आप देखेंगी की थोड़ी ही देर में इसमें से निम्बू की खुशबू आने लगेगी। अब इसे आंच से उतार कर छान लें। लीजिये तैयार है आपका लेमन एसेंशियल आयल।

मिंट एसेंशियल ऑयल ( make mint essential oil at home )

mint essential oil बनाने के लिए ढेर सारी पुदीने की पत्तियाँ लें इन पत्तियों को नारियल के तेल में मिला कर एक कांच की शीशी में भर लें और धुप में 2 -3 दिनों के लिए रख दें। 3 दिन बाद तैयार है आपका मिंट एसेंशियल आयल। अब इसे छान कर किसी शीशी में भर कर रख सकते हैं।

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एसेंशियल ऑयल के साइड इफेक्ट्स ( essential oil side effects in hindi )

  • भले ही एसेंशियल ऑइल प्राकृतिक होते है लईकिन इनका कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकता है। Essential oil use and side effect कुछ हर्बल प्रोडक्ट या पौधों में bio active compounds होते हैं ये आपके स्वास्थ्य को हानि पंहुचा सकते हैं। कभी भी किसी एसेंशियल ऑयल का प्रयोग सीधे स्किन पर नहीं करना चाहिए ये बहुत तेज़ होते हैं इसलिए हमेशा इसमें कोई carrier oil मिला कर ही प्रयोग करें।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसकी तेज़ खुसबू बच्चों को या प्रेग्नेंट महिलाओं को नुक्सान पहुंचा सकती है।
  • मुख्य रूप से जो इनके साइड इफ़ेक्ट देखे गए हैं उसमे से एलर्जी प्रमुख है। इसका इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा में इसे अपनी त्वचा के किसी हिस्से पर लगा के इसका एलेर्जी टेस्ट जरूर करें।
  • बाहर तेज़ महक होक के कारन कभी-कभी इसकी गंध दिमाग में चढ़ सकती है। यदि ऐसा होता है तो सर दर्द के लक्षण इसमें देखे गए हैं।
  • लैवेंडर, पेपरमिंट, टी ट्री और इलंग-इलंग एसेंशियल ऑयल्स के साथ कभी कभी त्वचा में जलन की समस्या भी देखि जाती है। दालचीनी एसेंशियल आयल में phenols काफी ज्यादा मात्रा में होता है जिससे त्वचा में जलन हो सकती है।
  • यदि आप  सिट्रस फ्रूट्स के एसेंशियल आयल का उपयोग करते हैं तो इसके इस्तेमाल के बाद धूप में जाने से बचें। इसके प्रयोग के बाद तेज़ धूप आपकी त्वचा में जलन पैदा कर सकती है।

आशा करते है की आपको Mere gharelu nuskhe का ये लेख Essential oil use and side effect पसंद आया होगा। यदि इस लेख के बारे में आपका कोई सुझाव है तो कमेंट में जरूर लिखें।

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